न्याला का छलावा | Hindi Chhalava horror story

⚠️ Disclaimer :- आप सभी को सुचित किया जाता है कि इस वेबसाइट पर दी गई सभी कहानियाँ काल्पनिक ( Fiction ) है और इनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, अंधविश्वास जादू-टोना फैलाना या किसी को डराना नहीं है और हमारी इस वेबसाइट Www.ScaryPanchal.Com पर केवल और केवल हम मनोरंजन के लिए कहानी बनाकर लिखते है जिसे आपका मनोरंजन हो सके और कमजोर दिल वाले लोग और बच्चे इसे सावधानी से पढ़ें धन्यवाद।
न्याला का छलावा - जी हां दोस्तों आज कि कहानी इसी पर है और बचपन मे‌ आपने अपने दादा दादी के मुंह से भूत प्रेत वह चुड़ैल डायन की कहानी तो बहुत सुनी होगी पर आज मैं कुछ अलग और अनोखी कहानी लेकर आया हूं जिसे पढ़ कर आप भी अंदर से डर जाएंगे और छलावा ऐसी भूतिया सकतीं होती है जहां वह लोगों को खुद नहीं मारती बस लोगों को ऐसे भ्रम में डालकर ऐसे रास्ते पर भेज देती है जहां पर उस इंसान की मौत उसका इंतजार कर रही होती है
न्याला का छलावा | Hindi Chhalava horror story

न्याला का छलावा | Hindi Chhalava horror story

तो दोस्तों ऐसा ही कुछ हमारे साथ ही हुआ था जब हमने दिल्ली का वह कैंट रोड का रस्ता लिया यह हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी कि हमने वह रास्ता चुना क्योंकि हमें नहीं पता था कि हम जिस रोड पर जा रहे हैं वह खाली एक रोड नहीं बल्कि मौत का एक रास्ता जहां पर आदमी जाता तो है पर वापस नहीं आता

हम दो दोस्त और हम दोनों की कॉलेज लाइफ अब खत्म हो चुकी थी और हमने कहीं बाहर घूमने का प्लान बनाया हुआ था तो मैंने अपनी गाड़ी निकाली और रात में ही घूमने निकल पड़े एक लास्ट ट्रिप पर और रात के लगभग साढ़े ग्यारह बज रहे थे रात के अंधेरे में वो सड़क बिल्कुल खाली और सन्नटी से भरी हुई थी और दूर-दूर तक कोई इंसान वहां पर दिखाई नहीं दे रहा था।

और वहां पर बस एक दो गाड़ीया ही आती जाती दिखाई दे रही थी।

और हम कभी कहीं होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाते या कहीं ऐसे ही टहलते रहते घूमते रहते या फिर कुछ और खाते पीते या फिर किसी टपरी पर चाय पी रहे होते हैं हम अपनी मस्ती में इतने खो चुके थे कि हमें पता ही नहीं चला की रात के करीब दो बजकर दस मिनट हो चुकी है।

दिल्ली के कैंट रोड का रस्ता

फिर हमने घड़ी में देखा तो वहां पर दो‌ बजकर दस मिनट हो चुकी थी फिर मैंने कहा कि यार ज्यादा टाइम हो चुका है अब हमें घर की ओर निकल लेना चाहिए।

फिर हमने जल्दी में गाड़ी स्टार्ट की और चल दिया अपने घर की ओर बट रास्ता बहुत लंबा था और जिस लंबे रास्ते से हम वापस घर जा रहे थे वह करीब 40 किलोमीटर दूर था और फिर हमें एक रास्ता मिला जिसका नाम कैंट रोड था

और और वह रास्ता एक शॉर्टकट रास्ता था और हमें वह करीब 20 किलोमीटर मे ही हमें हमारे घर तक पहुंचा सकता था।

और मेरा दोस्त थोड़ा फट्टू टाइप का था क्योंकि तब मैंने उस रास्ते की तरफ अपनी गाड़ी घुमाई तो वह एकदम डरते हुए बोल पड़ा अरे यार यहां किस रास्ते पर तुम गाड़ी घुमा रहे हो लोग कहते हैं कि इस रास्ते पर छलावा घूमता है जो लोगों को मौत के घाट उतार देता है जो इस रास्ते पर जाता है वह कभी वापस लोट कर नहीं आता

और सबसे बड़ी गलती मेरी यही थी कि मैं जल्दबाजी के चक्कर में उसी रोड पर अपनी गाड़ी घुमा दी

क्योंकि मैं भूत-प्रेत में मै यकीन नहीं करता था क्योंकि यह सब मै ब्रह्म मानता था और कहता था कि यह सब लोगों की मनगढ़ंत कहानीया है

क्योंकि लोग एक दूसरे को बस यूं ही डरते रहते हैं

बट फिर भी मेरा दोस्त कह रहा था कि नहीं यहां पर इस रास्ते पर गाड़ी मत घुमाओ क्योंकि इस रास्ते पर वाकई में छलावा रहता है जो लोगों को मौत के घाट उतार देता है।

और फिर भी मैंने उसकी बात नहीं मानी और मैं उसी रास्ते पर गाड़ी चला चल रहा था और मैंने कहा मेरे दोस्त को कहा कि डरो मत हम सही सलामत अपने घर पहुंच जाएंगे।

गाडी को रोकना

फिर मेरा दोस्त कहने लगा कि मेरे को पेशाब करने के लिए जाना है तो तुम गाड़ी को कहीं अच्छी ही जगह पर रोक लेना तो फिर मैं कहीं एक सुनसान से एरिया में मेने गाड़ी को रोक दिया और मैं और मेरा दोनों अलग-अलग पेशाब करने के लिए चले गए।

फिर हम पेशाब कर कर वापस आए तो फिर मेरा दोस्त हाथ धोकर बोला कि आप गाड़ी में चलाऊंगा तो मैंने उसको गाड़ी चलाने के लिए दे दी।

बट मैं हैरान था कि यह जो दोस्त मेरा है यह आज गाड़ी कैसे चलाने लग गया क्योंकि यह गाड़ी चलाते हुए डरता था और अच्छे से स्टेरिंग भी नहीं पकड़ पता था।

और हम कुछ दूरी पर चल रहे थे तो फिर मैंने ध्यान दिया कि मेरा दोस्त फुल स्पीड मे गाड़ी को भागा रहा है जबकि वह पहले डर-डर के गाड़ी चलाया करता था और कभी स्पीड में गाड़ी नहीं चलता था।

और मेने गाड़ी के मिरर में देखा कि वह मुस्कुरा रहा था और जब वह पहले कभी बात करता था तो उसकी पलकें अपने आप जपकती रहती थी यानी कि वह अपनी पलकों को जपकता रहता था।

और अब वह अपनी पलकें भी नहीं जपाका रहा था और उसके चेहरे पर कोई डर भी नहीं दिखाई दे रहा था।

और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे यह मेरा कोई दोस्त नहीं कोई और है।

क्योंकि वह बातें भी नहीं कर रहा था और चुपचाप गाड़ी भगा रहा था।

और रोड पर इतना शरनाटा था मानो की कोई मातम हो और आगे चलने के बाद मुझे कुत्तों की जोर-जोर से भौंकने की आवाज सुनाई दे रही थी और उल्लू की आवाज भी सुनाई दे रही थी जैसे कोई मौत का गीत गा रहा हो।

और यह सब सीन देखकर मैं अंदर तक घबरा गया क्योंकि मुझे पता नहीं क्यों डर लग रहा था और कुछ अजीब सा लग रहा था जैसे मानो कुछ बहुत बड़ा अनर्थ हो गया हो।

गाडी मे छलावा

फिर मैंने उससे कहा कि हम कब तक पहुंच जाएंगे तो उसने कहा तुम टेंशन मत लो तुम्हारी आखिरी मंजिल तक मै तूमे पहुंचा दूंगा।

यह बात सुनकर मैं और भी डर गया क्योंकि उसने कहा था की मैं तुम्हें तुम्हारी आखिरी मंजिल तक पहुंचा दूंगा।

तो यह बात मैंने पूछी की आखिरी मंजिल कौन सी तो उसने गाड़ी को और तेज भगा दिया और वह भयानक हंसी हंसने लग गया और बोला कि तुम्हारी आखिरी मंजिल मौत है।

तो मैंने डरते हुए उससे पूछा कि तुम कौन हो तो उसने कहा कि मैं न्याला हूं मैं ही वह छलवा हूं जो लोगों को ऐसे रास्ते पर पहुंचा देता है जहां पर उनकी मौत उनका इंतजार कर रही होती है।

और फिर मैंने देखा कि वह एक खाई की तरफ बहुत ही तेजी से गाड़ी को भाग रहा है और भयानक हंसी हंस कर कह रहा था कि तुम्हारी आखिरी मंजिल बहुत करीब है।

मैं यह सभ सूनकर और भी ज्यादा डर गया मेरे रोंगटे तक खड़े हो गए और मैं इतना डर रहा था कि मेरे हाथ पैर कांप रहे थे

और फिर मैंने पूछा कि अगर तुम मेरे दोस्त नहीं हो तो मेरा दोस्त कहां है तो उसने कहा कि तुम्हारा दोस्त अब इस दुनिया में नहीं है जब वह पेशाब करने के लिए उतरा था तो मेने तभी से उसको मार कर उसका रूप धारण कर लिया था।

और मैं अंदर तक हिल चुका था और मुझे रोना भी आ रहा था कि मेरा दोस्त इस दुनिया में नहीं रहा।

मेने अपना बचाव किया

और मुझे बहुत तेज गुस्सा भी आ रहा था पर मैं क्या कर सकता था मैं कुछ नहीं कर सकता था क्योंकि वह एक छलावा था और मैं एक आम इंसान।

तभी मैंने देखा कि खाई बहुत पास आ रही है और वह खाई में गाड़ी को गिरा देगा।

तभी मैंने जोरों से खिड़की को तोड़ा और खिड़की को खोला और मैं उस चलती हुई गाड़ी से कूद गया फिर वह गाड़ी खाई मे जाकर गिर गई।

और मुझे बहुत चोट भी आई थी पर मैं जिंदा बच गया था और बस दुख तो इस बात का था कि मेरी एक छोटी सी गलती ने मेरे दोस्त को मुझसे छीन लिया।

इस कहानी की सीख

तो दोस्तों इस कहानी से यह सीख मिलती है कि कभी भी आप गाड़ी चला रहे हो या बाइक चला रहे हो और अगर आपको कोई है कहे कि ईस रास्ते से आप ना जाएं तो आप उसी रास्ते से ना जाएं क्योंकि उसी रास्ते पर आपकी जान का खतरा हो सकता है और अगर आप फैमिली के साथ सफर कर रहे हैं और आप गाड़ी में है और अगर आपको कहीं से भी पता चल जाए की यह रास्ता खराब है या फिर यह डेंजर हो सकता है या फिर इस रास्ते पर खतरा है तो आप उस रोड से या रस्ते से ना जाएं और अपनी फैमिली के साथ बिल्कुल भी ना जाए क्योंकि आप अपने साथ-साथ अपनी फैमिली को भी आप खतरे में डाल रहे हैं तो इसलिए हमने यह कहानी बनाई है ताकि आप लोगों को थोड़ी बहुत मदद भी मिल सके और जानकारी भी आपको प्राप्त हो सके ताकि आप खतरे से सावधान रहें आप सुरक्षित रहे अच्छे रहे हंसते गाते रहे अपनी जिंदगी को अच्छे तरीके से जिये धन्यवाद।

तो ये थी दोस्तों आज कि एक न्याला का छलावा की एक भूतिया डरावनी कहानी जिसे पढ़ कर मे भी डर गया और क्या आप लोगों को भी डर लगा है और कहानी कैसी लगी कोमेंट मे जरुर बताएं और इसी तरह की बेहद डरावनी भूतिया कहानी पढ़ने के लिए बने रहे हमारी वेबसाइट Www.ScaryPanchal.Com पर और इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर कर दे धन्यवाद।

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