आखरी बस Hindi Horror Story
और ये बात आज से छ शाल पूरानी बात है तब मे कॉलेज मे पडा करता था हमारा एक ग्रुप भी था जिसमें हम दो लडके और दो लड़कियां भी थी मेरा दोस्त विशाल और मेरी गर्लफ्रेंड नेहा और मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड रीया।
हमने अचानक से कही बहार घूमने का प्लान बना डाला क्योंकि हमारे कॉलेज की छुट्टियां आने वाली थी।
अखरी बस का सफर
और लोगो का मानना है कि जो भी उस बस में एक बार चढ़ जाता है तो वो कभी वापिस नहीं आता ये सून कर हम सभी की हसी छूट गई और वेटर से हमने कहा कि क्या फालतू की बात लगा रखी है तूमने पागल समजा है हमे अरे पडे लिखे हैं हम।
ये कहानी आप अपने छोटे-छोटे बच्चों को सूनाना और तभी न्यूज चल पडी न्यूज काफी पूरानी थी 1999 की और हमने वहा एक अखबार भी देखा तो वो भी 1999 का था हम सभ ये देख कर हेरान हो गये की ये इतनी पूरानी न्यूज और इतना पूराना अखबार और फिर मेरी गर्लफ्रेंड चिल्लाई अरे ये खाना देखो।
तब हमने वोखाना देखा तो वो एक दम सडा सा खाना था और उसमे किडे रेंग रहे थे और मेने तो उल्टी तक कर दी थी।
और मेने कहा की कोई भी इस खाने को हाथ नही लगायेगा और हमने सिर को उठा कर वेटर को भूलना चाहा तो वहा कोई नही था और ढाबा तो ऐसे लग रहा था कि वो कई सालो पहले बंद पडा हो और ये सब देखकर हम थोडा डर गये और वहां से हमे निकलने मे ही भलाई समझी।
और हम लोग पर आ गये थे और हमने वहा एक बस को आते देखा और हम बस मे चढ गये और बस चल दी और बस कुछ दूरी पर चलने के बाद कन्डेक्टर ने कहा दो लोगों को उतरना पडेगा हमने कहा वो क्यू तो उसने कहा की और सवारी कहा बेठेंगी।
तो हमने कहा की और सवारी जब आयेगी तब हम चारों ऊतर जायेंगे तो उन्होंने कहा की नही अगले बस सटोप पर दो लोगो को उतरना होगा नही तो अंजाम ठीक नहीं होगा।
फिर डर का माहौल
और ये बोल कर वो आगे चले गए और बस मे सिर्फ हम चार थे मूजे कुछ ठीक नही लग रहा था तो मेरी गर्लफ्रेंड ने बस के आगे उपर वाले शिशे मे देखा की बस कंडक्टर का चेहरा जला हुआ था और बेहद डरावना था और उसने चुपके से मूजे बता दिया तो मे भी डर गया था।
और फिर अचानक से पता नही कहा से एक दम वहा सभी सिट पर लोग बेठे नजर आ रहे थे क्योंकि बस कही रुकी नही थी और ना कोई बस मे चढा था और ना कोई बस से उतरा था और सभी यात्री ना हिल रहे थे और ना कूछ बोल रहे थे।
और हमने उनको गोर से देखा तो पता चला की उनके चहरे जले हुए हे मास शरीर से गायब है और हडि्डयों का ढाचा है और जले कटे कपड़े पहने हुए थे 1991 के दसक के और ये सब देखकर हम सभी काफी डरा गये थे और हमे उस ढाबे वाले की बात याद आ रही थी और इतने मे ही कंडक्टर आया और बोला अब उतरो सिर्फ दो लोग उतरो।
हमने कहा हम दो कयू हम चारों ऊतर जाते हैं ना तो उसने कहा की नही सिर्फ दो लोग उतरेंगे तो मेने कहा की हम अगले बस सटोप पर उतरेंगे।
तो कंडक्टर कहता है कि ठीक है बस दो लोगों को उतरने की अनुमति है।
और ये बोलकर वो आगे चला गया और हम सभ पिछे आकर बेठ गये और हम सभ बहुत डरे हुए थे और सभ से ज्यादा तो मेरी फट रही थी और ऊपर से मे सब को सयानत रहने के लिए बोल रहा था और फिर मेने अपना मोबाइल निकाला और नेट पर न्यूज देखी तो वहा पर लिखा था कि देर रात एक बस सडक दूर घटना और न्यूज 1999 की थी।
और मे सब समज गया था की ये सभी लोग मर चुके हैं और ये सब आत्मा है और फिर हमने डिसाइड किया की लडकीयां जो है पिछे की तरफ जो खिडकी है उस से बहार निकल जाये और हम दोनो आगे गेट से उतर जायेंगे।
वो उठ खडे हुवे और बोले हमारे साथ दोखा हुआ है पकड़ो इन्हें और वो सभी भूत बेहद डरावनी आवाज मे बड बडा कर बोल रहे थे पकडो पकडो इन सब को मत जाने दो इनको।
जंगल मे भागना
और हम फिर डर के मारे जंगल की तरफ भागने लगे और हम में से उन दो लोगों ने हमारी दोनो गर्लफ्रेंड को पकड लिया और वापिस बस की और ले जाने लगे और हमने जब उसका पिछा किया तो हमने देखा कि वहा एक और बस थी हू ब हू ऊसी बस की तरह और हमने हमारी गर्लफ्रेंड को छूडा लिया और और मेरी गर्लफ्रेंड ने मेरी तरफ देखा और लाइटर बगाते हुए बोली की उस बस को जला दो हम सब को छुटकारा मिल जाएगा।
तभी मेने मेरे दोस्त से कहा की इन दोनो को तू उस तरफ जा ये लोग तेरी तरफ आयेंगे और मे इंदर से इस बस को जला डालता हूं और मेरा दोस्त उन दोनो को लेकर रोड पर भागने लगा और वो सभी भूत उसकी तरफ भागने लगे और मेने मोका पाकर उस बस मे से डिजल निकाल कर उस बस पे जल्दी से छिडक दिया और फिर मेने लाइटर से ऊस बस को जला दिया।
जेसे ही बस जली तो वो सभी लोग और वो भूतिया बस गायब हो गये और हम सभ बच गये और हम सभ अपने अपने घर आ गये।
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