एक पुराना श्मशान | Hindi Horror Story
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सूरज है और मे बोम्बे का रहने वाला हूं और आज मे आप लोगों के साथ अपना एक डरावना वाक्य सेयर करने जा रहा हूं जिसे याद कर के आज भी मेरी रुह काप जाती है।
वहाँ से जो पैसा मिलेगा, उसे बिजनेस में लगा दूँगा। दस साल पहले जब वह दिल्ली आया था, तब से गाँव नहीं गया था। बस, उसी दिन उसने अपनी वही पुरानी बाइक निकाली, बैग पैक किया और निकल पड़ा गाव की और।
दिल्ली से गाँव का सफर काफी लंबा था, लेकिन मेरा मन उत्साह से भरा हुआ था। रास्ते भर में सोचता रहा कि गाँव पहुँचकर सबसे पहले मकान का जायजा लूंगा, और फिर दलाल से बात करुंगा। शाम ढल चुकी थी। जैसे-जैसे रात गहराती गई, सड़कें सुनसान होती गईं। गाँव पहुँचते-पहुँचते रात के ग्यारह बज चुके थे। अंधेरा इतना घना था कि लगता था जैसे आसमान ने काली चादर ओढ़ ली हो।
पुराने श्मशान का रस्ता...
और फिर मेने ने सोचा, अभी गाँव में घुसने का एक छोटा-सा रास्ता है, जो पुराने श्मशान से होकर जाता है। इससे आधा घंटा बच जाएगा। फिर तभी मेने उसी रास्ते पर अपनी बाइक मोड़ दी।
वो पुराना श्मशान! जहा लोग दिन में भी उस रास्ते से जाने से कतराते थे। और मे बेखबर जैसे ही श्मशान की सीमा में घुसा, हवा ठंडी और नम हो गई। चारों तरफ घना अंधेरा। ऊपर चाँद की हल्की रोशनी दीवारों पर पड़ रही थी, जिससे टूटी कब्रें और जंग लगे लोहे के गेट और भी भयावह लग रहे थे। दूर कहीं उल्लू की डरावनी आवाज़ आ रही थी — “हूँ-हूँ” — जैसे कोई मौत का गीत गा रहा हो।
और सबसे भयानक कुत्ते भौंक रहे थे। और उनकी आवाज़ में इतनी बेचैनी थी, कि मानो वो सभी मौत का मातम मना रहे हों। “भौं-भौं-भौं…” हर भौंकने की आवाज के साथ मेरे अंदर तक सिहरन सी दौड़ जाती।
कुछ दूर चलने के बाद उसे अचानक एक लड़की दिखाई दी। वह सड़क के किनारे बैठी हुई थी, पीठ मेरी तरफ थी। और सिर घुटनों में छुपाए रो रही थी। उसकी सिसकियाँ हवा में घुल रही थीं। फिर मेने अपनी बाइक रोकी फिर मेने धीरे से पूछा, “कौन हो तुम? इतनी रात में यहाँ क्या कर रही हो?
लड़की ने सिर नहीं उठाया। सिर्फ रोती रही। फिर मे पास गया। और कहा क्या हुआ? कोई परेशानी है क्या? लड़की ने धीरे-धीरे सिर उठाया और पलटकर देखा।
तो वह लड़की इतनी खूबसूरत थी कि मेरा दिल एक पल को धड़कना भूल गया। गोरा चेहरा, लंबे बाल, बड़ी-बड़ी आँखें — जैसे कोई परी। मे तो उसे देखते ही उस पर मोहित हो गया। लड़की ने आँसू पोंछते हुए पूछा, तुम कौन हो? और इस भयानक श्मशान में इस रात को क्या कर रहे हो? और तुम बताओ तुम यहाँ क्यों रो रही हो?
और फिर उस लड़की ने सिर को झुका लिया और धीमी आवाज़ में बोली,
मेरा नाम माया है। यहाँ मेरा कोई नहीं। मेरी शादी हुई थी, लेकिन पति ने मुझे छोड़ दिया। सबने मुझे अकेला छोड़ दिया। मैं अपनी किस्मत पर रो रही हू। तो ये बात सूनकर मेरा दिल पसीज गया और फिर मेने ऊसको चुप कराया और उसके आंसू पोछे
फिर लडकी बोली कि तूम कोन हो और कहा जा रहे हो,
मेने बताया कि मैं तो अपने गाँव जा रहा था। तुम्हारी रोने की आवाज़ सुनकर रुक गया और तुम मेरे साथ चलो। मेरे घर आ जाओ। रात में अकेली यहाँ जानवरों का खतरा हो सकता है।
फिर लड़की ने हल्के से मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। और ऊसने हामी भरी
और फिर मेने उसे बाइक पर बिठाया। जैसे ही बाइक चली, लड़की ने उसके कंधे पर हाथ रखा। फिर मूजको अजीब सा एहसास हुआ हाथ ठंडा था, बहुत ठंडा। लेकिन वह मोहित था, इसलिए कुछ नहीं बोला।
कार ड्राइवर कि इंट्री
थोड़ी देर बाद पीछे से एक कार की हेडलाइट दिखी। कार तेज़ी से पास आई। ड्राइवर ने हॉर्न बजाया और चिल्लाया, “रुको! रुको भाई! मेने बाइक नहीं रोकी। अचानक कार ने आगे निकलकर बाइक को रोका। ड्राइवर उतरा एक मजबूत कद-काठी वाला आदमी। उसने लोहे का डंडा निकाला और बिना कुछ कहे लड़की पर दे मारा। लड़की भूरी तरह चीखती हुई दूर जा गिरी।
मे चौंक गया। ये क्या कर रहे हो? ड्राइवर ने मेरे को खींचकर कार में धकेला, गाड़ी फुल स्पीड में दौड़ा दी। फिर मे चिल्लाया, छोड़ो मुझे! वो लड़की… ड्राइवर ने बीच में ही टोका है
फिर कार ड्राइवर बोला कि वो लड़की नहीं, चुडेल है! श्मशान की चुडेल! तुम्हारे कंधे से मांस नोच रही थी पीछे से, तुम्हें पता भी नहीं था!
फिर मेने अपने कंधे की तरफ देखा। तो बहुत खून बह रहा था। मांस का एक बड़ा हिस्सा गायब था। जैसे किसी ने बड़े-बड़े दाँतों से नोच-नोचकर खाया हो। तेज़ दर्द से सूरज की आँखों में पानी आ गया। ये… ये कैसे? मे हकला गया।
फिर तभी कार ड्राइवर ने साइड मिरर की तरफ इशारा किया। देखो पीछे! फिर मेने साईड मिरर में देखा। वही लड़की — अब उसका चेहरा बिल्कुल बदल चुका था। भयानक चुडेल जेसा ! आँखें लाल, मुँह से खून टपक रहा था, जीभ बाहर लटक रही थी, बाल बिखरे हुए। वह कार के पीछे तेज़ी से दौड़ रही थी। हर कदम पर उसकी चीख गूँज रही थी।
चुड़ैल लडकी का कार के पिछे भागना
चुड़ैल लडकी भागते हुए कहती हैं कि रुको… मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगी! अपनी प्यास बुझाऊंगी! तूम से,
और फिर मेरा तो शरीर पसीने से तर भतर हो गया। मेने कभी ऐसा भयानक नजारा नहीं देखा था। चुडेल की आवाज़ हवा में घुल रही थी, जैसे मौत खुद पुकार रही हो। मेरे कान में सिर्फ वही चीख गूँज रही थी। उसकी आँखें घूम गईं और मे बेहोश हो गया। और जब सुबह आँख खुली, तो खुद को अस्पताल के बेड पर पाया। कंधे पर पट्टी बँधी हुई थी। दर्द अभी भी तेज़ था। उसी ड्राइवर ने उसके पास बैठकर पानी पिलाया
फिर मेने काँपते स्वर में पूछा वो… वो क्या था?
फिर उस कार ड्राइवर ने गहरी साँस ली और बताया कि तुम्हें उस रास्ते से नहीं आना चाहिए था। क्योंकी आज से नौ-दस साल पहले इस श्मशान के पास माया नाम की औरत रहती थी। वह काला जादू में माहिर थी। छोटे-छोटे बच्चों को मारकर बलि देती थी। मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाकर उन्हें मार डालती और उनका खून पीती थी। एक रात पुराने श्मशान में एक आदमी की बलि देते हुए गाँव वालों ने उसे पकड़ लिया। गाँव वालों ने उसे जिंदा जला दिया।
फिर सबने सोचा कि अब खतरा खत्म हो गया पर लेकिन ऐसा नहीं था।
जलने के बाद उसकी आत्मा और भी भयानक हो गई। अब वह श्मशान के रास्ते से गुजरने वाले किसी भी आदमी को मार डालती है। उसकी चीखें इतनी भयानक होती हैं कि सुनने वाला काँप उठता है।
तांत्रिक को भूलाया गया
और गाँव वालों ने एक जाने माने तांत्रिक को बुलाया। और फिर तांत्रिक ने जो कहा उसे सूनकर गाव वालो के पेरो के निचे से जमीन खिसक गई
क्योंकी तांत्रिक ने बताया कि इसका कोई समाधान नहीं है क्योंकि काला जादू करने वाली औरतों की आत्मा इस दुनिया में ही भटकती रहती है।
वे बदला लेती हैं। ऐसी आत्माओं की मुक्ति बहुत कठिन है। और इस बला से टलने का एक ही उपाय है कोई भी गांव का आदमी उस श्मशान वाले रास्ते से ना गुजरे नही तो वो अपनी मोत का कारण खूद होंगा।
और तब से लेकर आज तक कोई भी गांव वाला उस पुराना श्मशान के पास रात मे तो क्या दिन मे भी नही भटकता
और मे ये सब सूनकर दंग रह गया। और मेरे शरीर में ठंडी लहर दौड़ गई
कहानी का अंत
और आज मे अस्पताल से ठीक होकर घर लौट आया हूं। लेकिन हर रात जब मे अकेला होता हूं, तो उस पुराने श्मशान की याद आ जाती है। और मेरे कंधे का दर्द फिर ताज़ा हो जाता है। और अंधेरे में मूजे लगता है कि कोई मेरे पीछे खड़ी है, खून से सनी जीभ लटकाए, और फुसफुसा रही है — रुको… मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगी…
तो दोस्तो यह थी मेरी सच्ची भूतिया घटना जो मेरे साथ बोम्बे में घटी थी
और यह कहानी बिल्कुल 100% सच्ची है और एसी छोटी मोटी घटनाएं होती रहती है जिन्हें हम इग्नोर कर देते और सिदे मोती के मू मे चले जाते हैं
और अक्सर देखा जाता है कि कोई भूत प्रेत या कोई आत्मा के हम बहुत करीब होते हैं और हम उनसे बात तक करते हैं पर हमे पता तक नही लगता है और आप सबको मेरी ये भूतिया कहानी केसी लगी कोमेंट में जरुर बताएं
और अगर आपको इसी तरह कि भूत प्रेत या आत्मा डाय चुड़ैल कि डरावनी भूतिया कहानी पढ़ना पसंद है तो आप सभ बने रहे हमारी वेबसाइट Www.ScaryPanchal.Com पर...
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