भूतो की बारात | Hindi Horror Story

⚠️ Disclaimer :- आप सभी को सुचित किया जाता है कि इस वेबसाइट पर दी गई सभी कहानियाँ काल्पनिक ( Fiction ) है और इनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना, अंधविश्वास जादू-टोना फैलाना या किसी को डराना नहीं है और हमारी इस वेबसाइट Www.ScaryPanchal.Com पर केवल और केवल हम मनोरंजन के लिए कहानी बनाकर लिखते है जिसे आपका मनोरंजन हो सके और कमजोर दिल वाले लोग और बच्चे इसे सावधानी से पढ़ें धन्यवाद।
आप लोगो ने बचपन में अपने दादा दादी के मू से भूत प्रेतो कि डरावनी कहानीया तो बहुत सूनी होगी पर लेकिन मे आज आप लोगो को मेरे साथ घटा एक डरावना वाक्य साझा करने जा रहा हु जो कि एक सच्ची घटना पर आधारित है जिसे सूनकर आप लोगो कि भी अंदर तक आत्मा काप जायेगी तो चलो दोस्तों चलते है फिर उस डरावने सफर पर जहां आपको हर मोड पर डर महसूस होंगा।
भूतो की बारात | Hindi Horror Story

भूतो की बारात | Hindi Horror Story

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम गोपाल वर्मा है में दिल्ली का रहने वाला हूं और आज कि यह कहानी बिल्कुल अलग है क्यूंकि ये कहांनी कोई इंटरटेनमेंट के लिए नही बल्कि सच्ची घटना पर आधारित है और ये बात तब की है जब में हरियाणा मे रहता था और मे जंगल मे लकड़ियां काटने का काम किया करता था और कभी कभी तो मूजे देर हो जाती थी तो एक बार होता यू है कि उस दिन काम बहुत था लकडियो का एक बहुत बडा औडर आया था।

तो उस मोके को मे जाने नही दे सकता था तो मेने सोचा रात भर यही काम करता हूं।

तो मेरे को सूबह से लेकर रात हो गई थी और मे तकरिबन रात के 2 बज कर 40 मिनट पर अपना काम खत्म करके अपने घर की और निकल गया था पर जंगल घर से 30 किलो मिटर दूर था तो मेने सोचा कि मे उस छोटे से रस्ते से चला जाता हूं घर जल्दी पहुच जाऊंगा।

अंधेरा रस्ता...

पर मूजे नही पता था कि वो रास्ता मूजे मोत के मू मे ले जायेगा।

क्यूंकि वह रस्ता बहुत ही भहयानक लग रहा था रात मे बड़े बडे पेड बडे ही डरावने लग रहे थे और फिर कुछ दूर चलने के बाद मूजे वहा एक बारात जाते हुए नजर आई तो में उनके पास चला गया और मे बता दूं कि मूजे बया शादी मे नाचना बहुत पसंद था और अगर शादी रात की हो तो‌ और भी मजा आता था।

बेल वाला आदमी...

फिर मे ऊनके साथ नाचते गाते बहुत दूर तक पहुंच गया था और फिर किसी ने मेरा हाथ अचानक से खिच लिया और फिर मेने देखा कि वहा एक मोटा तगडा आदमी एक बेल के साथ मे खडा था।

और मेने उनसे पुछा कि तूम कोन हो और मूजे एसे क्यूं खिचा तो उन्होंने बताया कि मे सिवा हूं और ये मेरा नंदी बेल है और हम यहा से गूजर रहे थे तो हमने तूमको देखा तो यहा खिच लिया मेने पुछा पर मूजे आपने क्यूं खिचा तो उन्होंने कहा जरा पिछे मूंड़कर देखो तो मेने देखा कि वहा सभी बराती अब इन्सान कि तरह नही दिख रहे थे।

बल्की भूत प्रेत कि तरह दिख रहे थे और आदमी तो कंकाल कि तरह दिख रहे थे और उन कंकाल के गले मे पुराना बोल लटक रहा था जो कि खाफी साल पुराना हो

और औरतो के कपडे फटे पुराने लग रहे थे और उनके चहरे पर मास गला सढा सा था मानो जिंदा लाश हो।

और किसी किसी के मू से खूंन निकल रहा था और जो गोडी पर बेठा था वो की हड्डियों वाला कंकाल नजर आ रहा था और उसकी आखे लाल चमक रही थी और वो सभी मूजे भयानक तरिके से घूर रहे थे जेसे मूजे कच्चा चबा जायेंगें और ये सब देखकर तो मेरी हालत खराब हो गई थी।

और में सोच रहा था कि इतनी देर तक में भूतो की बारात में नाच रहा था और फिर मे डर के मारे वही जम सा गया था और वह सभी भूत मेरी तरफ आ रहे थे और फिर अचानक उस मोटे आदमी ने मेरा हाथ कस के पकडा और मूजे चलने के लिए कहा और मे डरता डरता उस आदमी के साथ चल‌ दिया और पिछे से काफी डरा देने वाली आवाजे आ रही थी

और वो मोटा आदमी बोला डरो मत और सिदे चलते रहो इनकी तरफ मत देखो।

और फिर जंगल के रस्ते मे अपने गांव कि और जा रहा था उस मोटे आदमी के साथ और रस्ते मे कोई भूत या कोई डायन चुडेल पेड पर उल्टी लटकी हुई दिखाई दी

और फिर उस मोटे आदमी ने कहा कि तूम डरो मत बस इनकी तरफ मत देखो और चलते रहो और पिछे से भी भहयानक आवाज मे भी मूजे कोई भूला रहा था और कह रहा था कि आ जाऔ हमारे साथ नाचो आऔ उस आदमी का हाथ छोड दो।

मे और भी डर गया था और अन्दर तक काप रहा था फिर मे अपने घर तक पहुंच गया और पिछे मुडकर देखा तो वो सभी भूतो की बारात वहां नही थी और उस आदमी ने कहा कि अब चिंता कि कोई बात नही है वो खतरा बस वही तक सिमीत था।

और फिर मेने उस आदमी का गाव पुछा तो उसने अपने गाव का नाम नारायणी बताया और वहा से उस बेल के साथ वह चला गया और मे घर के अंदर गया और सो गया।

मेरी पत्नी रेखा

और सूबह के 11 बजे में जागा तो मेने ये सभी बात अपनी पत्नी रेखा को बताई और फिर मेरी पत्नी रेखा ने बताया कि नारायणी गांव तो पुरे हरियाणे में नही है और किस के साथ थे वो।

कहानी का अंत

तो मेने बताया कि वो एक बेल के साथा थे तो मेरी पत्नी ने कहा कि वो कोई आम आदमी नही थे

वो तो‌ साक साथ भगवान शिव थे जो अपने नंदी बेल के साथ आपको उस मूसीबत से बचाने के लिए आये थे ये बात सूनकर तो मे धन्य हो गया कि मूजको साख साथ शिव जी ने दर्शन दिए और मेरे को उस मूसीबत से बचाया और फिर हम दोनों ने तो जल्दी से अपने सिव जी के मंदिर में हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद किया।

तो ये थी दोस्तों आज कि एक डरावनी भूतिया कहानी जिसे पढ़ कर मे भी डर गया और क्या आप लोगों को भी डर लगा है और कहानी कैसी लगी कोमेंट मे जरुर बताएं और इसी तरह की बेहद डरावनी भूतिया कहानी पढ़ने के लिए बने रहे हमारी वेबसाइट Www.ScaryPanchal.Com पर और इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर जरुर कर दे धन्यवाद।

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