भूतो की बारात Horror Story| Hindi Horror Stories | Real Horror Story 2026
आप लोगो ने बचपन में अपने दादा दादी के मू से भूत प्रेतो कि डरावनी कहानीया तो बहुत सूनी होगी पर लेकिन मे आज आप लोगो को मेरे साथ घटा एक डरावना वाक्य साझा करने जा रहा हु जो कि एक सच्ची घटना पर आधारित है जिसे सूनकर आप लोगो कि भी अंदर तक आत्मा काप जायेगी।
तो चलो दोस्तों चलते है फिर उस डरावने सफर पर जहां आपको हर मोड पर डर महसूस होंगा।
नमस्कार दोस्तों मेरा नाम गोपाल वर्मा है में दिल्ली का रहने वाला हूं और आज कि यह कहानी बिल्कुल अलग है क्यूंकि ये कहांनी कोई इंटरटेनमेंट के लिए नही बल्कि सच्ची घटना पर आधारित है और ये बात तब की है जब में हरियाणा मे रहता था और मे जंगल मे लकड़ियां काटने का काम किया करता था और कभी कभी तो मूजे देर हो जाती थी तो एक बार होता यू है कि उस दिन काम बहुत था लकडियो का एक बहुत बडा औडर आया था।
तो उस मोके को मे जाने नही दे सकता था तो मेने सोचा रात भर यही काम करता हूं।
अंधेरा रस्ता...
तो मेरे को सूबह से लेकर रात हो गई थी और मे तकरिबन रात के 2 बज कर 40 मिनट पर अपना काम खत्म करके अपने घर की और निकल गया था पर जंगल घर से 30 किलो मिटर दूर था तो मेने सोचा कि मे उस छोटे से रस्ते से चला जाता हूं घर जल्दी पहुच जाऊंगा।
पर मूजे नही पता था कि वो रास्ता मूजे मोत के मू मे ले जायेगा।
क्यूंकि वह रस्ता बहुत ही भहयानक लग रहा था रात मे बड़े बडे पेड बडे ही डरावने लग रहे थे और फिर कुछ दूर चलने के बाद मूजे वहा एक बारात जाते हुए नजर आई तो में उनके पास चला गया और मे बता दूं कि मूजे बया शादी मे नाचना बहुत पसंद था और अगर शादी रात की हो तो और भी मजा आता था।
फिर मे ऊनके साथ नाचते गाते बहुत दूर तक पहुंच गया था और फिर किसी ने मेरा हाथ अचानक से खिच लिया और फिर मेने देखा कि वहा एक मोटा तगडा आदमी एक बेल के साथ मे खडा था।
और मेने उनसे पुछा कि तूम कोन हो और मूजे एसे क्यूं खिचा तो उन्होंने बताया कि मे सिवा हूं और ये मेरा नंदी बेल है और हम यहा से गूजर रहे थे तो हमने तूमको देखा तो यहा खिच लिया मेने पुछा पर मूजे आपने क्यूं खिचा तो उन्होंने कहा जरा पिछे मूंड़कर देखो तो मेने देखा कि वहा सभी बराती अब इन्सान कि तरह नही दिख रहे थे।
बल्की भूत प्रेत कि तरह दिख रहे थे और आदमी तो कंकाल कि तरह दिख रहे थे और उन कंकाल के गले मे पुराना बोल लटक रहा था जो कि खाफी साल पुराना हो।
और औरतो के कपडे फटे पुराने लग रहे थे और उनके चहरे पर मास गला सढा सा था मानो जिंदा लाश हो।
और किसी किसी के मू से खूंन निकल रहा था और जो गोडी पर बेठा था वो की हड्डियों वाला कंकाल नजर आ रहा था और उसकी आखे लाल चमक रही थी और वो सभी मूजे भयानक तरिके से घूर रहे थे जेसे मूजे कच्चा चबा जायेंगें और ये सब देखकर तो मेरी हालत खराब हो गई थी।
कि मे इतनी देर तक भूतो की बारात में नाच रहा था और फिर मे डर के मारे वही जम सा गया था और वह सभी भूत मेरी तरफ आ रहे थे और फिर अचानक उस मोटे आदमी ने मेरा हाथ कस के पकडा और मूजे चलने के लिए कहा और मे डरता डरता उस आदमी के साथ चल दिया और पिछे से काफी डरा देने वाली आवाजे आ रही थी और वो मोटा आदमी बोला
मोटा आदमी :- डरो मत और सिदे चलते रहो इनकी तरफ मत देखो।
और फिर जंगल के रस्ते मे अपने गांव कि और जा रहा था उस मोटे आदमी के साथ।
और रस्ते मे कोई भूत या कोई डायन चुडेल पेड पर उल्टी लटकी हुई दिखाई दी और फिर उस मोटे आदमी ने कहा कि तूम डरो मत बस इनकी तरफ मत देखो और चलते रहो और पिछे से भी भहयानक आवाज मे भी मूजे कोई भूला रहा था और कह रहा था कि आ जाऔ हमारे साथ नाचो आऔ उस आदमी का हाथ छोड दो।
मे और भी डर गया था और अन्दर तक काप रहा था फिर मे अपने घर तक पहुंच गया और पिछे मुडकर देखा तो वो सभी भूतो की बारात वहां नही थी और उस आदमी ने कहा कि अब चिंता कि कोई बात नही है वो खतरा बस वही तक सिमीत था।
और फिर मेने उस आदमी का गाव पुछा तो उसने अपने गाव का नाम नारायणी बताया और वहा से उस बेल के साथ वह चला गया और मे घर के अंदर गया और सो गया और सूबह के 11 बजे में जागा तो मेने ये सभी बात अपनी पत्नी रेखा को बताई और फिर मेरी पत्नी रेखा ने बताया कि
पत्नी रेखा :- नारायणी गांव तो पुरे हरियाणे में नही है और किस के साथ थे वो।
तो मेने बताया कि वो एक बेल के साथा थे तो मेरी पत्नी ने कहा कि
पत्नी रेखा :- वो कोई आम आदमी नही थे वो तो साक साथ भगवान शिव थे जो अपने नंदी बेल के साथ आपको उस मूसीबत से बचाने के लिए आये थे।
ये बात सूनकर तो मे धन्य हो गया कि मूजको साख साथ शिव जी ने दर्शन दिए और मेरे को उस मूसीबत से बचाया और फिर हम दोनों ने तो जल्दी से अपने सिव जी के मंदिर में हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद किया।
Author Note... तो दोस्तो यह थी मेरी सच्ची भूतिया घटना जो मेरे साथ हरियाणा में घटी थी और यह कहानी बिल्कुल 100% सच्ची है और एसी छोटी मोटी घटनाएं होती रहती है जिन्हें हम इग्नोर कर देते और सिदे मोती के मू मे चले जाते हैं और अक्सर देखा जाता है कि कोई भूत प्रेत या कोई आत्मा के हम बहुत करीब होते हैं और हम उनसे बात तक करते हैं पर हमे पता तक नही लगता है।
Your experience...
1, आपको यह "एक पुराना श्मशान" वाली भूतिया कहानी पढ़कर कैसा लगा?
2, और आपको इस भूतिया कहानी में कोनसा सिन डरावना लगा,
3, कहानी में आपको कौन सा हिस्सा सबसे अच्छा लगा?
4, क्या आपके साथ भी कभी ऐसी कोई डरावनी घटना हुई है जिसमें कोई अजनबी मिला हो?
5, क्या आपको कभी श्मशान या सुनसान रास्ते में कोई अजीब चीज़ दिखाई दी है?
6, क्या आप भूत प्रेत में यकीन करते हैं,
7, क्या आपका अभी भूत प्रेत या आत्मा से कभी सामना हुआ है,
8, और क्या आपकों भूतिया डरावनी कहानी पढ़ना पसंद है,
9, क्या आपको भी भूत प्रेत और आत्माओं कि कहानी पढ़कर डर लगता है,
10, क्या आपने कभी बचपन में भूतों की कहानीया सूनी है,
Your Advice...
1, अब आगे कोनसी कहानी आनी चाहिए,
2, क्या ईस कहानी से आगे भूतों कि कहानी आनी चाहिए,
3, क्या ईस कहानी से आगे अब प्रेत कि कहानीया आनी चाहिए,
4, क्या ईस कहानी से आगे पिसाच कि कहानी आनी चाहिए,
5, क्या ईस कहानी से आगे अब डायन कि कहानी आनी चाहिए,
6, क्या ईस कहानी से आगे अब चुड़ैल कि कहानी आनी चाहिए,
7, क्या ईस कहानी से आगे छलावा कि कहानी आनी चाहिए,
8, क्या ईस कहानी से आगे अब कर्ण पिशाचनी कि कहानी आनी चाहिए,
9, क्या ईस कहानी से आगे और भी डरावनी कहानी आनी चाहिए,
10, क्या ईस कहानी से आगे भ्रम राक्षस कि कहानी आनी चाहिए हमें कोमेंट मे बताये,
तो ये थी दोस्तो मेरी सच्ची डरावनी और दिल दहला देने वाली भूतिया कहानी और आप सबको मेरी ये भूतिया कहानी केसी लगी कोमेंट में जरुर बताएं और अगर आपको इसी तरह कि भूत प्रेत या आत्मा डाय चुड़ैल कि डरावनी भूतिया कहानी पढ़ना पसंद है तो आप सभ बने रहे हमारी वेबसाइट Www.ScaryPanchal.Com पर...

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